नई दिल्ली / पटना: बिहार विधानसभा चुनाव के मतदान समाप्त होते ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. शकील अहमद ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा कि वह मतदान से पहले इस्तीफा नहीं देना चाहते थे ताकि किसी भी तरह का गलत संदेश न जाए और पार्टी को ज़रा भी नुकसान न हो।
शकील अहमद ने अपना इस्तीफा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेजा है। इस्तीफे में उन्होंने लिखा है कि उन्हें यह फैसला “बहुत दुखी मन” से लेना पड़ा है।
🔹 इस्तीफे में क्या कहा शकील अहमद ने
अहमद ने अपने पत्र में लिखा,
“मेरे 16 अप्रैल 2023 के पत्र का स्मरण करें, जिसमें मैंने कहा था कि अब मैं भविष्य में कोई चुनाव नहीं लड़ूंगा। मेरे तीनों पुत्र कनाडा में रहते हैं और उनमें से किसी की भी राजनीति में रुचि नहीं है। इसके बावजूद मैंने यह ठान लिया था कि मैं जीवनभर कांग्रेस में रहूंगा, पर अब यह संभव नहीं लग रहा है।”

उन्होंने आगे लिखा,
“कांग्रेस की सदस्यता छोड़ने का मतलब यह नहीं है कि मैं किसी अन्य पार्टी में शामिल हो रहा हूं। मेरा ऐसा कोई इरादा नहीं है। मैं जीवनभर कांग्रेस की नीतियों और सिद्धांतों का समर्थक और शुभचिंतक बना रहूंगा। मेरे जीवन का अंतिम वोट भी कांग्रेस के पक्ष में ही पड़ेगा।”

🔹 कांग्रेस से तीन पीढ़ियों का रिश्ता
शकील अहमद ने अपने इस्तीफे में परिवार के कांग्रेस से जुड़े इतिहास का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि उनके दादा स्वर्गीय अहमद गफूर 1937 में कांग्रेस के विधायक चुने गए थे। उनके पिता शकूर अहमद 1952 से 1977 तक पांच बार कांग्रेस टिकट पर विधायक बने और कई अहम पदों पर रहे। खुद शकील अहमद भी 1985 के बाद पांच बार विधायक और सांसद रह चुके हैं।
🔹 “मतदान से पहले इस्तीफा नहीं देना चाहता था”
अहमद ने कहा कि वे पहले ही इस्तीफा देने का निर्णय ले चुके थे, लेकिन मतदान समाप्त होने तक इसकी घोषणा रोक रखी थी।
“मैं नहीं चाहता था कि मेरे इस्तीफे से मतदान से पहले कोई गलत संदेश जाए या कांग्रेस को पांच वोट का भी नुकसान हो। अस्वस्थ रहने के कारण मैं प्रचार में नहीं जा सका, लेकिन उम्मीद है कि इस बार कांग्रेस की सीटें बढ़ेंगी और गठबंधन की मजबूत सरकार बनेगी।”
अंत में उन्होंने लिखा कि उनका मतभेद कुछ नेताओं से हो सकता है, लेकिन कांग्रेस की नीतियों और विचारधारा में उनका विश्वास अडिग है।
“कृपया मेरे इस पत्र को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा माना जाए,” उन्होंने पत्र में लिखा।